phoolon men vo KHushboo vo sabahat nahin aayi | फूलों में वो ख़ुशबू वो सबाहत नहीं आई

  - Aitbar Sajid
फूलोंमेंवोख़ुशबूवोसबाहतनहींआई
अबतकतिरेआनेकीशहादतनहींआई
मौसमथानुमाइशकामगरआँखखोली
जानाँतिरेज़ख़्मोंकोसियासतनहींआई
जोरूहसेआज़ारकीमानिंदलिपटजाए
हमपरवोघड़ीशब-ए-वहशतनहींआई
दश्त-ए-अनल-हक़तिरेक़ुर्बानअभीतक
वोमंज़िलइज़हार-ए-सदाक़तनहींआई
हमलोगकिहैंमाओंसेबिछड़ेहुएबच्चे
हिस्सेमेंकिसीकेभीमोहब्बतनहींआई
हमनेतोबहुतहर्फ़तिरीमदहमेंसोचे
अफ़्सोसकिसुनवाईकीनौबतनहींआई
लरज़ेभीनहींशहरकेहस्सासदर-ओ-बाम
दिलराखहुएफिरभीक़यामतनहींआई
'साजिद'वोसहरजिसकेलिएरातभीरोई
आईतोसहीहस्ब-ए-ज़रूरतनहींआई
  - Aitbar Sajid
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