na dil ki bebaasi dekhi na aankhoñ ki zabaan samjhe | न दिल की बेबसी देखी न आँखों की ज़बाँ समझे

  - Aisha Masroor
दिलकीबेबसीदेखीआँखोंकीज़बाँसमझे
मिरेशिकवेकोतुमभीसिर्फ़अंदाज़-ए-बयाँसमझे
मोहब्बतऔरकोईबातसुननेहीनहींदेती
किसीकीगुफ़्तुगूनिकलीहमउनकीदास्ताँसमझे
हमारेदिलसेउठताहैधुआँबिजलीकहींटूटे
चमनकेगोशेगोशेकोहमअपनाआशियाँसमझे
मोहब्बतमेंदामनकाभरोसाहैअश्कोंका
उसीनेराज़-ए-दिलखोलाजिसेहमराज़-दाँसमझे
उन्हेंबरसोंमेंजबदेखातोरोनागयादिलको
बहुतचाहाकिथमजाएँमगरआँसूकहाँसमझे
ग़ज़लकहनेमें'मसरूर'रातेंबीतजातीहैं
समझतीहैजोदुनियाशा'इरीकोराएगाँसमझे
  - Aisha Masroor
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