kuchh baat rah gaii thii bataane ke baawajood | कुछ बात रह गई थी बताने के बावजूद

  - Aisha Ayyub
कुछबातरहगईथीबतानेकेबावजूद
हूँहालत-ए-सफ़रमेंघरआनेकेबावजूद
दिलसेउतरचुकाथाजोकरगलेमिला
दूरीवहीथीदिलसेलगानेकेबावजूद
हाथोंमेंअबभीउसकीहैख़ुशबूबसीहुई
जोरहगईथीहाथछुड़ानेकेबावजूद
पुर्ज़ेवोख़तकेआजभीरक्खेहैंमेरेपास
जोबचगएथेख़तकोजलानेकेबावजूद
नामउसकामेरेदिलपेछपाइसतरहसेहै
यूँँनक़्शहैअभीभीमिटानेकेबावजूद
मुझकोभीयेकमाल-ए-हुनरहैमिलाहुआ
मैंजीरहीहूँउसकोभुलानेकेबावजूद
कोईभीहम-शनासनहींहम-नवानहीं
रिश्तोंमेंइकख़लाहैनिभानेकेबावजूद
तेरीसदाएँआईंजोमाज़ीकीसम्तसे
हमरुकगएहैंपाँवबढ़ानेकेबावजूद
जोज़िदमेंबढ़गएथेज़मीनोंकोरौंदकर
ख़ुशक्यूँनहींहैंआसमाँपानेकेबावजूद
येकैसाइंतिज़ारकिहोतानहींहैख़त्म
तूगयामगरतिरेआनेकेबावजूद
  - Aisha Ayyub
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy