din men charaagh-e-shaam jalaya tha un dinon | दिन में चराग़-ए-शाम जलाया था उन दिनों

  - Aireen Farhat
दिनमेंचराग़-ए-शामजलायाथाउनदिनों
इकशख़्समेरेशहरमेंआयाथाउनदिनों
मेराभीहालउनदिनोंकुछथाअजीबसा
उसकाभीदिलकिसीनेदुखायाथाउनदिनों
सिक्केकिसीकीयादकेआँचलमेंभरलिए
छन-छनउन्हेंभीख़ूबहिलायाथाउनदिनों
कबतकरहेगीबेबसीअर्बाब-ए-इख़्तियार
हमनेभीयेसवालउठायाथाउनदिनों
आसाँनहींयेरास्तेदुश्वारहैंबहुत
इश्क़तुझकोहमनेबतायाथाउनदिनों
अपनीग़ज़लसेइकतरफ़चुप-चापरखलिया
वोशे'रबसउसेहीसुनायाथाउनदिनों
कुछलोगपूछतेरहेयेचुपसीक्यूँँलगी
मुझपरतुम्हारीयादकासायाथाउनदिनों
  - Aireen Farhat
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