bahut se zakham jin ko mustaqil mehmaan rakha hai | बहुत से ज़ख़्म जिन को मुस्तक़िल मेहमान रक्खा है

  - Aireen Farhat
बहुतसेज़ख़्मजिनकोमुस्तक़िलमेहमानरक्खाहै
बदनकीक़ैदमेंकुछदर्दकासामानरक्खाहै
कभीलगताहैकिमैंआसमाँकोछूकेआईहूँ
कभीलगताहैरस्तेमेंकोईतूफ़ानरखाहै
हरइकलम्हागुमाँकीदस्तरसमेंक्याबताएँहम
कहाँउम्मीदरक्खीहैकहाँईमानरक्खाहै
तुम्हारीआँखमेंठहराहुआपानीबताताहै
मोहब्बतकीथीतुमनेऔरउसकामानरक्खाहै
मिरेआबाकेघरकोबेचकरमुझसेवोकहताहै
वहींकमरापड़ाहैऔरवहींदालानरक्खाहै
हमारीहिम्मतोंकीदाददेकरलौटजाएगा
हमारेसामनेजिसग़मनेसीनातानरक्खाहै
  - Aireen Farhat
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