raushni le ke teergii dhundi | रौशनी ले के तीरगी ढूँडी

  - ain naqvi
रौशनीलेकेतीरगीढूँडी
तुझकोपाकरतिरीकमीढूँडी
उनहसीनोंसेफेरकरआँखें
तूनेक्यूँँमुझसीसर-फिरीढूँडी
ख़्वाबजन्नतकेदेखनेवाले
तूनेक्यूँँलड़कीदोज़ख़ीढूँडी
जिसकोमज़हबसेकुछनहींलेना
बीवीउसनेभीमज़हबीढूँडी
मीरसाहबनेइश्क़फ़रमाया
औरन्यूटननेग्रेविटीढूँडी
इश्क़हैनौकरीनहींहैमियाँ
एकछूटीतोदूसरीढूँडी
  - ain naqvi
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