hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ahsan Rizwi
main ki khuddaar tha thehra na kisi chaanv tale
main ki khuddaar tha thehra na kisi chaanv tale | मैं कि ख़ुद्दार था ठहरा न किसी छाँव तले
- Ahsan Rizwi
मैं
कि
ख़ुद्दार
था
ठहरा
न
किसी
छाँव
तले
गो
कि
रस्ते
में
मिले
थे
कई
अश्जार
घने
ज़ेहन
वो
शहर
जहाँ
नित
नया
हैजान
रहे
दिल
वो
बस्ती
कि
जहाँ
ख़्वाब
उगें
दर्द
पले
ज़िंदगानी
ये
तिरी
तेज़-रवी
ठीक
नहीं
कोई
चेहरा
तो
ज़रा
देर
निगाहों
में
रहे
कब
शब-ओ-रोज़
के
हंगाम
ने
मोहलत
बख़्शी
मैं
ने
दौरान-ए-सफ़र
ही
नए
अशआ'र
कहे
- Ahsan Rizwi
Download Ghazal Image
यूँँ
दिल
को
तड़पने
का
कुछ
तो
है
सबब
आख़िर
या
दर्द
ने
करवट
ली
या
तुम
ने
इधर
देखा
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
हर
दुख
का
है
इलाज,
उसे
देखते
रहो
सबकुछ
भुला
के
आज
उसे
देखते
रहो
देखा
उसे
तो
दिल
ने
ये
बे-साख़्ता
कहा
छोड़ो
ये
काम
काज
उसे
देखते
रहो
Read Full
Aslam Rashid
Send
Download Image
55 Likes
मुँह
ज़र्द-ओ-आह-ए-सर्द
ओ
लब-ए-ख़ुश्क
ओ
चश्म-ए-तर
सच्ची
जो
दिल-लगी
है
तो
क्या
क्या
गवाह
है
Nazeer Akbarabadi
Send
Download Image
21 Likes
ये
मयख़ाने
में
बैठ
अफ़सोस
अब
क्यूँ
तेरे
हिस्से
भी
तो
जवानी
लिखी
थी
Amaan Pathan
Send
Download Image
9 Likes
हम
आह
भी
करते
हैं
तो
हो
जाते
हैं
बदनाम
वो
क़त्ल
भी
करते
हैं
तो
चर्चा
नहीं
होता
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
64 Likes
कभी
सहर
तो
कभी
शाम
ले
गया
मुझ
से
तुम्हारा
दर्द
कई
काम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
37 Likes
ज़िन्दगी
पर
लिख
दिया
था
नाम
मैंने
राम
का
और
फिर
दुख
के
समुंदर
पार
सारे
हो
गए
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
9 Likes
कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
Read Full
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
हमारी
उम्र
के
लड़के
ग़ज़ल
तो
लिख
रहे
हैं
पर
ये
इतना
दर्द
लेके
जी
रहे
हैं
ठीक
थोड़ी
है
Ramesh Singh
Send
Download Image
31 Likes
दिल
हिज्र
के
दर्द
से
बोझल
है
अब
आन
मिलो
तो
बेहतर
हो
इस
बात
से
हम
को
क्या
मतलब
ये
कैसे
हो
ये
क्यूँँकर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
17 Likes
Read More
आते
जाते
हुए
हर
शख़्स
को
तकते
क्यूँ
हो
गुंजलक
हैं
सभी
तहरीरें
तो
पढ़ते
क्यूँ
हो
सिर्फ़
सन्नाटा
वहाँ
राह
तका
करता
है
बे-सबब
शाम
से
ही
घर
को
पलटते
क्यूँ
हो
ये
नहीं
गाँव
कि
हर
शख़्स
ख़ुलूस-आगीं
हो
शहर
में
रह
के
बनावट
से
बिदकते
क्यूँ
हो
Read Full
Ahsan Rizwi
Download Image
0 Likes
धुआँ
उठ
रहा
है
जो
बाहर
मियाँ
सुलगता
है
कुछ
अपने
अंदर
मियाँ
मैं
ख़ुद
तो
भटकने
का
क़ाइल
नहीं
घुमाता
फिरे
है
मुक़द्दर
मियाँ
गुमाँ
बैठे
बैठे
ये
अक्सर
हुआ
गया
है
अभी
कोई
उठ
कर
मियाँ
ये
माना
कि
दीवार-ओ-दर
हैं
वही
मगर
अब
ये
लगता
नहीं
घर
मियाँ
मिरे
रुख़
पे
तहरीर
क्या
कुछ
नहीं
कभी
कोई
देखे
तो
पढ़
कर
मियाँ
कभी
ख़ुद
को
धरती
से
भी
जोड़िए
उड़ेंगे
कहाँ
तक
फ़लक
पर
मियाँ
बस
इक
रस्म
थी
जो
निभाते
रहे
हुई
कब
ख़ुशी
उस
से
मिल
कर
मियाँ
Read Full
Ahsan Rizwi
Download Image
0 Likes
कोई
आहट
कोई
दस्तक
कोई
झंकार
तो
हो
उस
की
जानिब
से
किसी
बात
का
इज़हार
तो
हो
बुख़्ल
से
काम
न
लूँगा
मैं
सराहूँगा
उसे
कोई
चेहरा
तिरे
मानिंद
तरहदार
तो
हो
ज़ख़्म
सह
लूँगा
मुंडेरों
पे
लगे
शीशों
के
कोई
शय
दीद
के
क़ाबिल
पस-ए-दीवार
तो
हो
चंद
लम्हों
की
मसाफ़त
हो
कि
बरसों
का
सफ़र
कैफ़-परवर
हैं
सभी
संग
कोई
यार
तो
हो
चंद
लम्हे
में
कहीं
बैठ
के
दम
ले
तो
सकूँ
दर
मिले
या
न
मिले
साया-ए-दीवार
तो
हो
Read Full
Ahsan Rizwi
Download Image
0 Likes
अपने
अज्दाद
की
ख़ू
बू
आए
काश
बच्चों
को
भी
उर्दू
आए
हम
चमन
में
हैं
तो
ये
ख़्वाहिश
है
अपने
हिस्से
में
भी
ख़ुशबू
आए
याद
आई
जो
किसी
की
तो
लगा
दस्त-ए-एहसास
में
जुगनू
आए
बात
निकली
तो
गई
दूर
तलक
गुफ़्तुगू
में
कई
पहलू
आए
सब
हैं
इंसान
तो
फिर
ज़ेहनों
में
क्यूँ
ये
तफ़रीक़-ए-मन-ओ-तू
आए
ख़ुश्क
आँखों
में
बड़ी
हलचल
है
बाद
मुद्दत
के
हैं
आँसू
आए
Read Full
Ahsan Rizwi
Download Image
0 Likes
शिकस्ता-दिल
था
पर
ऐसा
नहीं
था
मैं
अपने
आप
में
सिमटा
नहीं
था
दरख़्तों
के
घने
साए
में
रह
कर
चमकती
धूप
को
भूला
नहीं
था
दर-ओ-दीवार
मेरे
मुंतज़िर
थे
मगर
मैं
लौट
कर
आया
नहीं
था
बहुत
से
लोग
मुझ
से
मुल्तफ़ित
थे
किसी
की
सम्त
मैं
लपका
नहीं
था
दबे
पाँव
वही
दर
आया
दिल
में
कि
जिस
का
दूर
तक
खटका
नहीं
था
जिसे
इक
उम्र
का
हासिल
समझता
मिरे
जीवन
में
वो
लम्हा
नहीं
था
Read Full
Ahsan Rizwi
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Promise Shayari
Andaaz Shayari
Ujaala Shayari
Good morning Shayari
Samundar Shayari