yahaañ baghair-fughaan shab basar nahin hoti | यहाँ बग़ैर-फ़ुग़ाँ शब बसर नहीं होती

  - Ahsan Marahravi
यहाँबग़ैर-फ़ुग़ाँशबबसरनहींहोती
वहाँअसरनहींहोताख़बरनहींहोती
ख़लिशजिगरमेंहैदिलकोख़बरनहींहोती
चुभीहैफाँसइधरसेउधरनहींहोती
अबसहीकलकेलिएइल्तिवा-ए-मश्क़-ए-ख़िराम
क़यामतआजहीक्यूँँफ़ित्ना-गरनहींहोती
जोउनसेदूरहैउसकेलिएहैंचश्म-ब-राह
हमउनकेपासहैंहमपरनज़रनहींहोती
अजलकोरोकिएक्याकहकेउनकेआनेतक
किअबतोबातभीचारा-गरनहींहोती
वोगएहैंतोआँसूज़रूरपोंछेंगे
अबआँखक्यूँँमिरीअश्कोंसेतरनहींहोती
कमाल-ए-बे-हुनरीसेग़नीहूँमैं'अहसन'
मुझेज़रूरत-ए-अर्ज़-ए-हुनरनहींहोती
  - Ahsan Marahravi
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