इश्क़ में हासिल-ए-इंकार से डर जाते हैं

  - Ahmar Nadeem
इश्क़मेंहासिल-ए-इंकारसेडरजातेहैं
हमगुनहगारहैंइक़रारसेडरजातेहैं
मौतबर-हक़हैजबजाएहमेंक्यालेकिन
ज़िंदगीहमतिरीरफ़्तारसेडरजातेहैं
अपनीवहशतकासबबहमकोहैमा'लूममगर
क्यासबबहैदर-ओ-दीवारसेडरजातेहैं
नग़्मा-ए-ज़ीस्तपेजिनजिनकेथिरकतेहैंक़दम
दफ़'अतनज़ीस्तकेआसारसेडरजातेहैं
कुछतबी'अतकीरवानीसेभीख़ौफ़आताहै
कुछमज़ामीनकीयलग़ारसेडरजातेहैं
दिनमेंफिरतेहैंलिएकासा-ए-ख़ाली'अहमर’
शामहोतेहीजोघर-बारसेडरजातेहैं
  - Ahmar Nadeem
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