dil ko ye ehsaan uth | दिल को ये एहसान उठाना पड़ता है

  - Ahmar Nadeem
दिलकोयेएहसानउठानापड़ताहै
आँखोंसेअहवालसुनानापड़ताहै
रातेंख़ैरगुज़रजातीहैंख़ल्वतमें
दिनमेंतोकिरदारनिभानापड़ताहै
लहज़ालहज़ाख़्वाबमुयस्सरआतेहैं
रफ़्तारफ़्ताहोशगँवानापड़ताहै
चुपकेचुपकेअपनेअंदरजातेहैं
सह
मेंसह
मेंबाहरआनापड़ताहै
बस्तीबस्तीवीरानीहैसदियोंकी
सहरासेयेराज़छुपानापड़ताहै
ख़ामोशीहीख़ामोशीहोपहलूमें
तबदुनियामेंशोरमचानापड़ताहै
  - Ahmar Nadeem
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