naye manzar ki justuju bhi karoon | नए मंज़र की जुस्तुजू भी करूँँ

  - Ahmad Soz
नएमंज़रकीजुस्तुजूभीकरूँँ
मैंउसेअपनेरू-ब-रूभीकरूँँ
सबसेउम्मीदभीरखूँअच्छी
औरएकएककोअदूभीकरूँँ
हुस्नउसकामुझेइबादतसा
अपनीआँखेंज़रावुज़ूभीकरूँँ
उसकेदिलकोपसीजनाहैमुझे
अपनेआँसूकभीलहूभीकरूँँ
सारीमख़्लूक़सत्र-पोशनहीं
हुस्नकोरश्क-ए-आबरूभीकरूँँ
लेलूँफूलोंसेहुस्नकीदौलत
अपनीग़ज़लोंकोरंग-ओ-बूभीकरूँँ
  - Ahmad Soz
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