dasht-e-ummeed men KHvaabon ka safar karna tha | दश्त-ए-उम्मीद में ख़्वाबों का सफ़र करना था

  - Ahmad Shanas
दश्त-ए-उम्मीदमेंख़्वाबोंकासफ़रकरनाथा
तूकिइकलम्हा-ए-नापैदबसरकरनाथा
हमनेक्यूँँआपसीअज़दादकेनुक्तेढूँडे?
हमनेतोख़ुदकोबहमशीर-ओ-शकरकरनाथा
नक़्शबनताहीनहींसंग-ए-समाअतपेकोई
कुंदअल्फ़ाज़कोफिरतीर-ओ-तबरकरनाथा
साअत-ए-दर्दकिबे-चेहराबे-नामरही
क़तरा-ए-अश्ककिमहफ़ूज़गुहरकरनाथा
तिश्नगीमाही-ए-बे-आबसीलिखहोंटोंपर
वर्नायूँँबोसा-ए-साग़रसेहज़रकरनाथा
मुझपेआयतकोईलफ़्ज़हीउतरा'अहमद'
मेरीमुश्किलकिबयाँमुझकोसफ़रकरनाथा
  - Ahmad Shanas
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