inikaas-e-tishnagi sehra bhi hai dariyaa bhi hai | इनइकास-ए-तिश्नगी सहरा भी है दरिया भी है

  - Ahmad Shahryar
इनइकास-ए-तिश्नगीसहराभीहैदरियाभीहै
तर-ब-तरयेरौशनीसहराभीहैदरियाभीहै
आगपरमेरातसर्रुफ़आबपरमेरीगिरफ़्त
मेरीमुट्ठीमेंअभीसहराभीहैदरियाभीहै
झीलमेंठहराहुआहैउसकाअक्स-ए-आतिशीं
आइनेमेंइसघड़ीसहराभीहैदरियाभीहै
जलउठेंयादोंकीक़ंदीलें,सदाएँडूबजाएँ
दर-हक़ीक़तख़ामुशीसहराभीहैदरियाभीहै
ज़िंदालौटआयाहूँजंगलसेतोक्याजा-ए-मलाल
मेरेरस्तेमेंअभीसहराभीहैदरियाभीहै
कोईख़े
मेंराखकरदेकोईबाज़ूछीनले
एकसीग़ारत-गरीसहराभीहैदरियाभीहै
रेतपररख्खूँतुझेयाबहतेपानीमेंबहाऊँ
देखतिश्ना-लबीसहराभीहैदरियाभीहै
तूबगूलाहैकिहैगिर्दाबरक़्स-दवाम
फ़ैसलाकरलेअभीसहराभीहैदरियाभीहै
दश्तभीउसकीरिवायतमेंहैमौज-ए-आबभी
मेरीआँखोंकीनमीसहराभीहैदरियाभीहै
तूसँभालेगाभलाकैसेयेसारीसल्तनत
'शहरयार'-शायरीसहराभीहैदरियाभीहै
  - Ahmad Shahryar
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