aata hi nahin hone ka yaqeen kya baat karoon | आता ही नहीं होने का यक़ीं क्या बात करूँँ

  - Ahmad Rizwan
आताहीनहींहोनेकायक़ींक्याबातकरूँँ
हैदूरबहुतवोख़्वाब-नशींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँजोअक्सथामेरीआँखोंमें
वोछोड़गयाइकशामकहींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँजोघड़ियाँमेरीहमदमथीं
वोघड़ियाँहीआज़ारबनींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँमिरेसाथीमुझसेछूटगए
वोलोगनहींवोख़्वाबनहींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँयेलोगभलाकबसुनतेहैं
सबबातेंअंदरडूबगईंक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँअपनोंकीजितनीलाशेंथीं
मिरेसीनेमेंसबआनगिरींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँजोबातेंतुमसेकरनीथीं
अबउनबातोंकावक़्तनहींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँकभीपानीबातेंकरताथा
येदरियाइसकीख़ुश्कज़मींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँसहरामेंचाँदअकेलाहै
औरमेरेसाथभीकोईनहींक्याबातकरूँँ
क्याबातकरूँँ'रिज़वान'किरोनाआताहै
सबबातेंउसकीबातसेथींक्याबातकरूँँ
  - Ahmad Rizwan
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