कहाँकीगूँजदिल-ए-ना-तवाँमेंरहतीहै
किथरथरीसीअजबजिस्म-ओ-जाँमेंरहतीहै
क़दमक़दमपेवहीचश्मओलबवहीगेसू
तमामउम्रनज़रइम्तिहाँमेंरहतीहै
मज़ातोयेहैकिवोख़ुदतोहैनएघरमें
औरउसकीयादपुरानेमकाँमेंरहतीहै
पतातोफ़स्ल-ए-गुल-ओ-लालाकानहींमालूम
सुनाहैक़ुर्ब-ओ-जवार-ए-ख़िज़ाँमेंरहतीहै
मैंकितनावहमकरूँँलेकिनइकशुआ-ए-यक़ीं
कहींनवाह-ए-दिल-ए-बद-गुमाँमेंरहतीहै
हज़ारजानखपातारहूँमगरफिरभी
कमीसीकुछमिरेतर्ज़-ए-बयाँमेंरहतीहै