main vehshat-o-junoon men tamasha nahin banaa | मैं वहशत-ओ-जुनूँ में तमाशा नहीं बना

  - Ahmad Khayal
मैंवहशत-ओ-जुनूँमेंतमाशानहींबना
सहरामिरेवजूदकाहिस्सानहींबना
इसबारकूज़ा-गरकीतवज्जोहथीऔरसम्त
वर्नाहमारीख़ाकसेक्याक्यानहींबना
सोईहुईअनामिरेआड़ेरहीसदा
कोशिशकेबावजूदभीकासानहींबना
येभीतिरीशिकस्तनहींहैतोऔरक्या
जैसातूचाहताथामैंवैसानहींबना
वर्नाहमऐसेलोगकहाँठहरतेयहाँ
हमसेफ़लककीसम्तकाज़ीनानहींबना
जितनेकमाल-रंगथेसारेलिएगए
फिरभीतिरेजमालकानक़्शानहींबना
रोकागयाहैवक़्तसेपहलेहीमेराचाक
मुझकोयेलगरहाहैमैंपूरानहींबना
  - Ahmad Khayal
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