junoon ko rakht kiya KHaak ko libaada kiya | जुनूँ को रख़्त किया ख़ाक को लिबादा किया

  - Ahmad Khayal
जुनूँकोरख़्तकियाख़ाककोलिबादाकिया
मैंदश्तदश्तभटकनेकाजबइरादाकिया
मैंनासेहानकीसुनताहूँऔरटालताहूँ
सोक़ुर्ब-ए-हुस्नछुटाऔरतर्क-ए-बादाकिया
महकतेफूलसितारेदमकताचाँदधनक
तिरेजमालसेकितनोंनेइस्तिफ़ादाक्या
हज़ाररंगमेंजल्वा-नुमाथाहुस्न-ओ-जमाल
दिलऔरशोख़हुआउसकोजितनासादाकिया
वोदेरहाथातलबसेसिवासभीको'ख़याल'
सोमैंनेदामन-ए-दिलऔरकुछकुशादाकिया
  - Ahmad Khayal
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