jo tire gham ki giraani se nikal saka hai | जो तिरे ग़म की गिरानी से निकल सकता है

  - Ahmad Khayal
जोतिरेग़मकीगिरानीसेनिकलसकताहै
हरमुसीबतमेंरवानीसेनिकलसकताहै
तूजोयेजानहथेलीपेलिएफिरताहै
तेराकिरदारकहानीसेनिकलसकताहै
शहर-ए-इंकारकीपुर-पेचसीइनगलियोंसे
तूफ़क़तइज्ज़-बयानीसेनिकलसकताहै
गर्दिश-ए-दौरतिरेसाथचलेचलताहूँ
कामअगरनक़्ल-ए-मकानीसेनिकलसकताहै
मिरीक़ौमचलीमिरेपीछेपीछे
कोईरस्ताभीतोपानीसेनिकलसकताहै
  - Ahmad Khayal
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