kanware aañsuon se raat ghaayel hoti rahtii hai | कँवारे आँसुओं से रात घाएल होती रहती है

  - Ahmad Kamal Parvazi
कँवारेआँसुओंसेरातघाएलहोतीरहतीहै
सितारेझड़तेरहतेहैंरेहरसलहोतीरहतीहै
सियासीमश्क़करकेतुमतोदिल्लीलौटजातेहो
यहाँसह
मेंहुएलोगोंमेंहलचलहोतीरहतीहै
वहाँरक्खेहुएमोहरेबराबरमरतेरहतेहैं
इधरखेलीहुईबाज़ीमुकम्मलहोतीरहतीहै
मैंसबकुछभूलकेजानेकीकोशिशकरतारहताहूँ
मगरगुज़रीहुईवोरातपागलहोतीरहतीहै
जानेक्याख़राबीगईहैमेरेलहजेमें
जानेक्यूँँमिरीआवाज़बोझलहोतीरहतीहै
  - Ahmad Kamal Parvazi
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