aamada rakhen chashm-o-dil saamaan-e-hairani karen | आमादा रक्खें चश्म-ओ-दिल सामान-ए-हैरानी करें

  - Ahmad Javaid
आमादारक्खेंचश्म-ओ-दिलसामान-ए-हैरानीकरें
क्याजानिएकिसवक़्तवोनज़ाराफ़रमानीकरें
बहर-ए-बलाहैमौजपरक़हर-ए-क़ज़ाहैऔजपर
हैंकाह-ए-सामाँमुस्तइदताना-गुरेज़ानीकरें
आईहैरातऐसीदनीहैहरचराग़अफ़्सुर्दनी
दिलबयादिलबयाकुछशो'ला-सामानीकरें
हाँहाँदिखाएँगेज़रूरहमवहशत-ए-दिलकावफ़ूर
पहलेयेशहर-ए-दश्त-ओ-दरतकमील-ए-वीरानीकरें
आशिक़ाँआशिक़ाँआयाहैअमर-ए-ना-गहाँ
जोलोगहैंनज़ाराजूवोमश्क़-ए-हैरानीकरें
वोशम्अ'हैदर-ए-ताक़-ए-दिलरौशनहैंसबआफ़ाक़-ए-दिल
उफ़्तादगान-ए-ख़ाकउठोअफ़्लाकगर्दानीकरें
हैबस-कितेग़उसकीरवाँकमयाबहैंना-कुश्तगाँ
सबसरफ़रोशोंसेकहोचंदेफ़रावानीकरें
इकनासिहानाअर्ज़हैदरियाओंपरयेफ़र्ज़है
दिलकीतरहहरलहरमेंतज्दीद-ए-तुग़्यानीकरें
ऐसेघरोंमेंअहल-ए-दिलरहतेनहींहैंमुस्तक़िल
तब्दीलयेदीवार-ओ-दरउस्लूब-ए-वीरानीकरें
  - Ahmad Javaid
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