zakhm ko phool to sar-sar ko saba kahte hai | ज़ख़्म को फूल तो सर-सर को सबा कहते है

  - Ahmad Faraz
ज़ख़्मकोफूलतोसर-सरकोसबाकहतेहै
जानेक्यादौरहैक्यालोगहैंक्याकहतेहैं
अबकयामतहैकिजिनकेलिएरूक-रूककेचले
अबवहीलोगहमेंआबला-पाकहतेहैं
कोईबतलाओकिएकउम्रकाबिछडामहबूब
इतिफाकनकहींमिलजाएतोक्याकहतेहैं
यहभीअंदाजे-सुखनहैकिजफाकोतेरी
गमज़ा-व-इशवा-व-अंदाज-ओ-अदाकहतेहैं
जबतलकदूरहैतूतेरीपरसितशकरलें
हमजिसेछूसकेंउसकोख़ुदाकहतेहैं
क्याताज्जुबहैकिहमअहले-तमन्नाको‘फ़राज़’
वोजोमहरूम-ए-तमन्नाहैंबुराकहतेहैं
  - Ahmad Faraz
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