tujhe hai mashq-e-sitam ka malaal vaise hi | तुझे है मश्क़-ए-सितम का मलाल वैसे ही

  - Ahmad Faraz
तुझेहैमश्क़-ए-सितमकामलालवैसेही
हमारीजानथीजाँपरवबालवैसेही
चलाथाज़िक्रज़मानेकीबे-वफ़ाईका
सोगयाहैतुम्हाराख़यालवैसेही
हमगएहैंतह-ए-दामतोनसीबअपना
वगरनाउसनेतोफेंकाथाजालवैसेही
मैंरोकनाहीनहींचाहताथावारउसका
गिरीनहींमिरेहाथोंसेढालवैसेही
ज़मानाहमसेभलादुश्मनीतोक्यारखता
सोकरगयाहैहमेंपाएमालवैसेही
मुझेभीशौक़थादास्ताँसुनानेका
'फ़राज़'उसनेभीपूछाथाहालवैसेही
  - Ahmad Faraz
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