qurbaton men bhi judaai ke zamaane maange | क़ुर्बतों में भी जुदाई के ज़माने माँगे

  - Ahmad Faraz
क़ुर्बतोंमेंभीजुदाईकेज़मानेमाँगे
दिलवोबे-मेहरकिरोनेकेबहानेमाँगे
हमहोतेतोकिसीऔरकेचर्चेहोते
ख़िल्क़त-ए-शहरतोकहनेकोफ़सानेमाँगे
यहीदिलथाकितरसताथामरासिमकेलिए
अबयहीतर्क-ए-त'अल्लुक़केबहानेमाँगे
अपनायेहालकिजीहारचुकेलुटभीचुके
औरमोहब्बतवहीअंदाज़पुरानेमाँगे
ज़िंदगीहमतिरेदाग़ोंसेरहेशर्मिंदा
औरतूहैकिसदाआईना-ख़ानेमाँगे
दिलकिसीहालपेक़ानेहीनहींजान-ए-'फ़राज़'
मिलगएतुमभीतोक्याऔरजानेमाँगे
  - Ahmad Faraz
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