na hareef-e-jan na shareek-e-gham shab-e-intizaar koi to ho | न हरीफ़-ए-जाँ न शरीक-ए-ग़म शब-ए-इंतिज़ार कोई तो हो

  - Ahmad Faraz
हरीफ़-ए-जाँशरीक-ए-ग़मशब-ए-इंतिज़ारकोईतोहो
किसेबज़्म-ए-शौक़मेंलाएँहमदिल-ए-बे-क़रारकोईतोहो
किसेज़िंदगीहैअज़ीज़अबकिसेआरज़ू-ए-शब-ए-तरब
मगरनिगार-ए-वफ़ातलबतिराए'तिबारकोईतोहो
कहींतार-ए-दामन-ए-गुलमिलेतोयेमानलेंकिचमनखिले
किनिशानफ़स्ल-ए-बहारकासर-ए-शाख़-सारकोईतोहो
येउदासउदाससेबामदरयेउजाड़उजाड़सीरह-गुज़र
चलोहमनहींसहीमगरसर-ए-कू-ए-यारकोईतोहो
येसुकून-ए-जाँकीघड़ीढलेतोचराग़-ए-दिलहीबुझचले
वोबलासेहोग़म-ए-इश्क़याग़म-ए-रोज़गारकोईतोहो
सर-ए-मक़्तल-ए-शब-ए-आरज़ूरहेकुछतोइश्क़कीआबरू
जोनहींअदूतो'फ़राज़'तूकिनसीब-ए-दारकोईतोहो
  - Ahmad Faraz
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