हर तमाशाई फ़क़त साहिल से मंज़र देखता

  - Ahmad Faraz
हरतमाशाईफ़क़तसाहिलसेमंज़रदेखता
कौनदरियाकोउलटताकौनगौहरदेखता
वोतोदुनियाकोमिरीदीवानगीख़ुशगई
तेरेहाथोंमेंवगर्नापहलापत्थरदेखता
आँखमेंआँसूजड़ेथेपरसदातुझकोदी
इसतवक़्क़ोपरकिशायदतूपलटकरदेखता
मेरीक़िस्मतकीलकीरेंमेरेहाथोंमेंथीं
तेरेमाथेपरकोईमेरामुक़द्दरदेखता
ज़िंदगीफैलीहुईथीशाम-ए-हिज्राँकीतरह
किसकोइतनाहौसलाथाकौनजीकरदेखता
डूबनेवालाथाऔरसाहिलपेचेहरोंकाहुजूम
पलकीमोहलतथीमैंकिसकोआँखभरकरदेखता
तूभीदिलकोएकख़ूँकीबूँदसमझाहै'फ़राज़'
आँखअगरहोतीतोक़तरेमेंसमुंदरदेखता
  - Ahmad Faraz
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