har koi dil ki hatheli pe hai sehra rakhe | हर कोई दिल की हथेली पे है सहरा रक्खे

  - Ahmad Faraz
हरकोईदिलकीहथेलीपेहैसहरारक्खे
किसकोसैराबकरेवोकिसेप्यासारक्खे
उम्रभरकौननिभाताहैत'अल्लुक़इतना
मिरीजानकेदुश्मनतुझेअल्लाहरक्खे
हमकोअच्छानहींलगताकोईहमनामतिरा
कोईतुझसाहोतोफिरनामभीतुझसारक्खे
दिलभीपागलहैकिउसशख़्ससेवाबस्ताहै
जोकिसीऔरकाहोनेदेअपनारक्खे
कमनहींतम-ए-इबादतभीतोहिर्स-ए-ज़रसे
फ़क़्रतोवोहैकिजोदीनदुनियारक्खे
हँसइतनाभीफ़क़ीरोंकेअकेले-पनपर
जाख़ुदामेरीतरहतुझकोभीतन्हारक्खे
येक़नाअ'तहैइताअतहैकिचाहतहै'फ़राज़'
हमतोराज़ीहैंवोजिसहालमेंजैसारक्खे
  - Ahmad Faraz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy