ख़िलाफ़थानज़मानानवक़्तऐसाथा
जोसोचिएतोयहीहैनाबख़्तऐसाथा
बहार-रुतमेंभीशाख़ोंकेहाथख़ालीथे
खिलेनफूलकिमौसमहीसख़्तऐसाथा
दिएहैंज़ख़्मकुछऐसेकिभरसकेंनकभी
येऔरबातकिवोगुल-ब-दस्तऐसाथा
शुआ-ए-मेहरहीआईनचाँदनीउतरी
मैंक्याकहूँकिमिरेदिलकादश्तऐसाथा
फ़ज़ा-ए-शामकीरंगीनकरगयाहैक़बा
ग़ुरूब-ए-मेहरगुलाबोंकेतश्तऐसाथा
कोईचराग़दरीचोंपेरखकेक्याकरता
हरएकसम्तहवाओंकागश्तऐसाथा
वोचाँदनीतोनथीचाँदनीकेटुकड़ेथे
किमाहताबमिरालख़्तलख़्तऐसाथा
किसीसफ़रमेंभीबोझलहुएनमेरेक़दम
कहींभीबैठगयासाज़-ओ-रख़्तऐसाथा
पलटकेआएनफिरकारवान-ए-अहल-ए-वफ़ा
मोहब्बतोंकीमसाफ़तकादश्तऐसाथा
अमानबाँटरहाथामुसाफ़िरोंमें'अज़ीम'
घनेरीछाँवलुटातादरख़्तऐसाथा