ik raat main so nahin sakaa tha | इक रात मैं सो नहीं सका था

  - Ahmad Ata
इकरातमैंसोनहींसकाथा
औरख़्वाबभीदेखनापड़ाथा
दिलइतनाक्यूँँधड़करहाहै
मैंकिसकीनज़रमेंगयाथा
जैसाभीग़लतसहीमैंहूँ,हूँ
जैसाभीग़लतसहीमैंथा,था
कमरेमेंआगलगगईथी
दिलजबकिसीध्यानमेंलगाथा
वैसाहीख़राबशख़्सहूँमैं
जैसाकोईछोड़करगयाथा
दिलकीमसनदपेबैठकरइश्क़
मुझऐसेकोसँवारताथा
  - Ahmad Ata
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