सबजलगयाजलतेहुएख़्वाबोंकेअसरसे
उठताहैधुआँदिलसेनिगाहोंसेजिगरसे
आजउसकेजनाज़ेमेंहैइकशहरसफ़-आरा
कलमरगयाजोआदमीतन्हाईकेडरसे
कबतकगएरिश्तोंसेनिभातामैंतअ'ल्लुक़
इसबोझकोऐदोस्तउतारआयाहूँसरसे
जोआइना-ख़ानामिरीहैरतकासबबहै
मुमकिनहैमिरेबा'दमिरीदीदकोतरसे
इसअहद-ए-ख़िज़ाँमेंकिसीउम्मीदकेमानिंद
पत्थरसेनिकलआऊँमगरअब्रतोबरसे
रूठेहुएसूरजकोमनानेकीलगनमें
हमलोगसर-ए-शामनिकलपड़तेहैंघरसे
उसशख़्सकाअबफिरसेखड़ाहोनाहैमुश्किल
इसबारगिराहैवोज़मानेकीनज़रसे
लगताहैकिइसदिलमेंकोईक़ैदहै'अश्फ़ाक़'
रोनेकीसदाआतीहैयादोंकेखंडरसे