rone se jo bhadaas thii dil ki nikal gaii | रोने से जो भड़ास थी दिल की निकल गई

  - Agha Shayar Qazalbash
रोनेसेजोभड़ासथीदिलकीनिकलगई
आँसूबहाएचारतबीअतसँभलगई
मैंनेतरसतरसकेगुज़ारीहैसारीउम्र
मेरीहोगीजानजोहसरतनिकलगई
बेचैनहूँमैंजबसेनहींदिल-लगीकहीं
वोदर्दक्यागयाकिमिरेदिलकीकलगई
कहताहैचारा-गरकिपाएगाइंदिमाल
अच्छाहुआकिज़ख़्मकीसूरतबदलगई
शम्अहमसेसोज़-ए-मोहब्बतकेज़ब्तसीख
कम-बख़्तएकरातमेंसारीपिघलगई
शाख़-ए-निहाल-ए-उम्रहमारीफलसकी
येतोहैवोकलीजोनिकलतेहीजलगई
देखाजोउसनेप्यारसेअग़्यारकीतरफ़
'शाइर'क़समख़ुदाकीमिरीजानजलगई
  - Agha Shayar Qazalbash
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