दुनियाकेजोमज़ेहैंहरगिज़वोकमनहोंगे
चर्चेयहीरहेंगेअफ़्सोसहमनहोंगे
आग़ाज़-ए-इश्क़हीमेंशिकवाबुतोंकाऐदिल
दुखसब्रअभीतोक्याक्यासितमनहोंगे
बुलबुलकेदर्द-ए-दिलकोमुमकिननहींमुदावा
गुलचींकेहाथदोनोंजबतकक़लमनहोंगे
याद-ए-गुज़िश्तगाँपरक्यारोएँअब'तरक़्क़ी'
क्याहमरवानासू-ए-मुल्क-ए-अदमनहोंगे