jashn tha aish-o-tarab ki intiha thii main na tha | जश्न था ऐश-ओ-तरब की इंतिहा थी मैं न था

  - Agha Hajju Sharaf
जश्नथाऐश-ओ-तरबकीइंतिहाथीमैंथा
यारकेपहलूमेंख़ालीमेरीजाथीमैंथा
उसनेकबबरख़ास्तदिलमहफ़िल-ए-मेराजकी
किससेपूछूँरातकमथीयासवाथीमेंथा
मैंतड़पकरमरगयादेखाउसनेझाँककर
उससितमगरकोअज़ीज़अपनीहयाथीमैंथा
वा'दालेलेताकिखिलवानामुझकोठोकरें
आलम-ए-अर्वाहमेंजिसजाक़ज़ाथीमैंथा
सर्फ़करताकिसख़ुशीसेजाकेउसमेंअपनीख़ाक
क्याकहूँजिसदिनबनाईकर्बलाथीमैंथा
मुँहखुलसकताहोतेहम-कलामउनसेकलीम
उम्रभरहसरतहीरहतीबातक्याथीमैंथा
लेगईथीमुझकोहसरतजानिब-ए-ख़ुद-रफ़्तगी
जिसतरफ़कोमंज़िल-ए-बीम-ओ-रजाथीमैंथा
दिलउलटजातामिरायादमनिकलजातामिरा
शुक्रहैजबलन-तरानीकीसदाथीमैंथा
लाला-ओ-गुलकोबचालेताख़िज़ाँसे'शरफ़'
बाग़मेंजिसवक़्तनाज़िलयेबलाथीमैंथा
  - Agha Hajju Sharaf
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