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Afzal Sultanpuri
be-vafa se main mohabbat to nibhaane se raha
be-vafa se main mohabbat to nibhaane se raha | बे-वफ़ा से मैं मोहब्बत तो निभाने से रहा
- Afzal Sultanpuri
बे-वफ़ा
से
मैं
मोहब्बत
तो
निभाने
से
रहा
रूठना
है
रूठ
जाए
मैं
मनाने
से
रहा
- Afzal Sultanpuri
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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मैं
क़िस्सा
मुख़्तसर
कर
के,
ज़रा
नीची
नज़र
कर
के
ये
कहता
हूँ
अभी
तुम
से,
मोहब्बत
हो
गई
तुम
से
Zubair Ali Tabish
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सँभलने
के
लिए
कर
ली
मुहब्बत
मगर
इस
में
फिसलना
चाहिए
था
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Divy Kamaldhwaj
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यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
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नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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भुला
पाना
बहुत
मुश्किल
है
सब
कुछ
याद
रहता
है
मोहब्बत
करने
वाला
इस
लिए
बर्बाद
रहता
है
Munawwar Rana
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कभी
कभी
तो
झगड़ने
का
जी
भी
चाहेगा
मगर
ये
जंग
मोहब्बत
से
जीती
जाएगी
Amaan Abbas Naqvi
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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माना
के
मोहब्बत
का
छुपाना
है
मोहब्बत
चुपके
से
किसी
रोज़
जताने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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मेरा
इतना
बड़ा
तो
दुख
नहीं
है
मगर
सच
है
कि
हमको
सुख
नहीं
है
Afzal Sultanpuri
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ज़मीं
पर
जब
हुकूमत
हो
रही
थी
रिसालत
की
क़यादत
हो
रही
थी
नफ़ा
नुकसान
समझा
जा
रहा
है
मोहब्बत
में
तिजारत
हो
रही
थी
सफ़र
होता
मुकम्मल
किस
तरह
से
मुसलसल
जब
ख़िलाफ़त
हो
रही
थी
क़बीला
लुट
गया
कोई
न
आया
कहाँ
थे
जब
अज़ीयत
हो
रही
थी
लगा
के
आग
ख़ुश
शैतान
इतना
कहा
मेरी
हिमायत
हो
रही
थी
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Afzal Sultanpuri
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छोड़कर
मुझको
मिला
क्या
ये
ज़रा
तुम
सोचना
ग़ैर
से
फ़ुर्सत
मिले
जब
भी
दु'आ
तुम
सोचना
माँग
क्या
थी
क्या
दिया
है
ये
ख़बर
तुमको
नहीं
तुम
ख़दा
फिर
हो
नहीं
ये
देवता
तुम
सोचना
कल
तहज्जुद
में
कहा
था
यार
मेरा
दे
ख़ुदा
आज
बोला
प्यार
में
है
मशवरा
तुम
सोचना
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Afzal Sultanpuri
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ख़ुद
के
जो
काम
आ
नहीं
सकते
मेरे
क्या
ख़ाक
काम
आएँगे
Afzal Sultanpuri
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इस
जानिब
से
देखोगे
तो
पाक
नज़र
आएगा
उस
जानिब
से
देखोगे
तो
पाप
नज़र
आएगा
Afzal Sultanpuri
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