yaadon ki jaageer na hoti to main yaaro kya karta | यादों की जागीर न होती तो मैं यारो क्या करता

  - Afzal Hazarvi
यादोंकीजागीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
गरउसकीतस्वीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
उसकेदमसेराँझाथामैंवोहीमिरीपहचानबनी
वोगरमेरीहीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
क़ाइलकरनाकामथामुश्किलपरवोक़ाइलहोहीगया
लहजेमेंतासीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
मेराकामतमामथावर्नाउसकेनेकइरादेसे
हाथोंमेंशमशीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
अंदरसेमैंटूटा-फूटाएकखंडरवीरानाथा
ज़ाहिरजोता'मीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
ज़ुल्मत-ए-शबमेंरौशन'अफ़ज़ल'इकनन्हासाजुगनूथा
इतनीभीतनवीरहोतीतोमैंयारोक्याकरता
  - Afzal Hazarvi
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