hausale kya us but-e-be-jaan ke | हौसले क्या उस बुत-ए-बे-जान के

  - Afzal Hazarvi
हौसलेक्याउसबुत-ए-बे-जानके
सारेझगड़ेहैंदिल-ए-नादानके
नाज़हैकिसबातपरइंसानको
किसतरहचलताहैसीनातानके
खेतजल-थलकरदिएसैलाबने
मरगएअरमानसबदहक़ानके
देरहेहैंमातअबशैतानको
कारना
मेंहज़रत-ए-इंसानके
छुप-छुपाकेवारहमकरतेनहीं
हमखिलाड़ीहैंखुलेमैदानके
जबसेबदलीहैंनिगाहेंयारने
पड़गएहैंलाले'अफ़ज़ल'जानके
  - Afzal Hazarvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy