bulan | बुलंदी से कभी वो आशनाई कर नहीं सकता

  - Afzal Allahabadi
बुलंदीसेकभीवोआशनाईकरनहींसकता
जोतेरेआस्तानेकीगदाईकरनहींसकता
ज़बाँरखतेहुएभीलब-कुशाईकरनहींसकता
कोईक़तरासमुंदरसेलड़ाईकरनहींसकता
तूजुगनूहैफ़क़तरातोंकेदामनमेंबसेराकर
मैंसूरजहूँतूमुझसेआशनाईकरनहींसकता
ख़ुदीकीदौलत-ए-उज़माख़ुदानेमुझकोबख़्शीहै
क़लंदरहूँमैंशाहोंकीगदाईकरनहींसकता
सिफ़तफ़िरऔनकीतुझमेंहैमैंमूसाकाहामीहूँ
कभीतस्लीममैंतेरीख़ुदाईकरनहींसकता
जोज़िंदाँमेंअज़िय्यतपरअज़िय्यतमुझकोदेताहै
मैंउसज़ालिमसेउम्मीद-ए-रिहाईकरनहींसकता
जोकमतरहैबड़ाईअपनीअपनेमुँहसेकरताहै
मगर'अफ़ज़ल'कभीअपनीबड़ाईकरनहींसकता
  - Afzal Allahabadi
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