hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aditya Kumar 'Chaudhary'
dik raha har taraf gam ka saaya mujhe
dik raha har taraf gam ka saaya mujhe | दिख रहा हर तरफ़ ग़म का साया मुझे
- Aditya Kumar 'Chaudhary'
दिख
रहा
हर
तरफ़
ग़म
का
साया
मुझे
तुमने
छोड़ा
नहीं
तुमने
मारा
मुझे
होती
ग़ज़लें
नहीं
अब
मुकम्मल
मिरी
याद
आते
नहीं
तुम
है
शिकवा
मुझे
तेरी
यादों
से
अब
ये
भरे
हैं
नहीं
लगता
दुश्मन
है
मेरा
ही
बस्ता
मुझे
था
पता
मुझको
इक
दिन
चली
जाओगी
बस
इसी
दर्द
का
पहले
डर
था
मुझे
हाए
कैसे
जिया
हूँ
मैं
इन
सालों
में
मुझ-सा
लगता
न
कोई
बेचारा
मुझे
है
शिकायत
मुझे
अब
दरीचों
से
भी
तेरा
चेहरा
न
अब
तक
दिखाया
मुझे
- Aditya Kumar 'Chaudhary'
Download Ghazal Image
दिल
गया
रौनक़-ए-हयात
गई
ग़म
गया
सारी
काएनात
गई
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
34 Likes
उदासी
पर
कहे
हैं
शे'र
सबने
उदासी
को
जिया
कितनों
ने
लेकिन
?
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
48 Likes
उसी
मक़ाम
पे
कल
मुझ
को
देख
कर
तन्हा
बहुत
उदास
हुए
फूल
बेचने
वाले
Jamal Ehsani
Send
Download Image
63 Likes
ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
Read Full
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
50 Likes
जैसे
उदास
करने
मुझे
आई
ईद
हो
तेरे
बगैर
कैसी
मिरी,
माई
ईद
हो
Sayeed Khan
Send
Download Image
2 Likes
लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
59 Likes
लाज़िम
है
अब
कि
आप
ज़ियादा
उदास
हों
इस
शहर
में
बचे
हैं
बहुत
कम
उदास
लोग
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
26 Likes
हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
Read Full
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
38 Likes
दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
52 Likes
मेरे
तो
ग़म
भी
ज़माने
के
काम
आते
हैं
मैं
रो
पड़ूँ
तो
कई
लोग
मुस्कुराते
हैं
Tariq Qamar
Send
Download Image
36 Likes
Read More
बा'द-ए-शब-ए-विसाल
से
आगे
की
चीज़
है
ये
ज़िंदगी
मलाल
से
आगे
की
चीज़
है
क्या
ही
कहूँ
ए
दोस्त
मैं
उसके
मिजाज़
का
वो
शख़्स
तो
कमाल
से
आगे
की
चीज़
है
है
प्यार
मुझको
आप
से
कह
तो
सका
नहीं
ये
तो
मेरी
मजाल
से
आगे
की
चीज़
है
उसके
रुमाल
के
सिवा
तो
कुछ
है
ही
नहीं
लेकिन
वो
भी
रुमाल
से
आगे
की
चीज़
है
Read Full
Aditya Kumar 'Chaudhary'
Send
Download Image
2 Likes
आना
हो
तो
आ
मुसलसल
मिल
के
जाने
के
लिए
वरना
तो
फिर
आ
ही
मत
धड़कन
बढ़ाने
के
लिए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
Send
Download Image
3 Likes
इस
सेे
बढ़कर
तो
क्या
ही
मैं
अर्पित
करूँँ
ज़िंदगी
आपकी
शा'इरी
आपकी
Aditya Kumar 'Chaudhary'
Send
Download Image
4 Likes
उसको
नज़रें
न
अपनी
झुकानी
पड़ें
बस
यही
सोचकर
उसको
देखा
नहीं
Aditya Kumar 'Chaudhary'
Send
Download Image
3 Likes
आप
भी
चल
दिए
हम
सेे
मुँह
मोड़कर
अब
जिएँ
कैसे
ये
भी
बता
जाइए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Maikada Shayari
Sukoon Shayari
Alone Shayari
Life Shayari
Lab Shayari