मुफ़ाहमत न सिखा जब्र-ए-नारवा से मुझे

  - Adeem Hashmi
मुफ़ाहमतसिखाजब्र-ए-नारवासेमुझे
मैंसर-ब-कफ़हूँलड़ादेकिसीबलासेमुझे
ज़बाँनेजिस्मकाकुछज़हरतोउगलडाला
बहुतसुकूनमिलातल्ख़ी-ए-नवासेमुझे
रचाहुआहैबदनमेंअभीसुरूर-ए-गुनाह
अभीतोख़ौफ़नहींआएगासज़ासेमुझे
मैंख़ाकसेहूँमुझेख़ाकजज़्बकरलेगी
अगरचेसाँसमिलेउम्रभरहवासेमुझे
ग़िज़ाइसीमेंमिरीमैंइसीज़मींकीग़िज़ा
सदाफिरआतीहैक्यूँँपर्दा-ए-ख़लासेमुझे
मैंजीरहाहूँअभीज़मीन-ए-आदम-ख़ोर
अभीतोदेखतूइतनीइश्तिहासेमुझे
बिखरचुकाहूँमैंअबमुझकोमुजतमा'करले
तूअबसमेटभीअपनीकिसीसदासमुझे
मैंमररहाहूँफिरआएसदा-ए-कुन-फ़यकूँ
बनायाजाएमिटाकेफिरइब्तिदासमुझे
मैंसर-ब-सज्दाहूँ'शिम्र'मुझकोक़त्लभीकर
रिहाईदेभीअबइसअहद-ए-कर्बलासेमुझे
मैंकुछनहींहूँतोफिरक्यूँँमुझेबनायागया
येपूछनेकीइजाज़ततोहोख़ुदासमुझे
मैंरेज़ारेज़ाबदनकाउठारहाहूँ'अदीम'
वोतोड़हीतोगयाअपनीइल्तिजासेमुझे
  - Adeem Hashmi
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