aaya hooñ sang-o-khisht ke ambaar dekh kar | आया हूँ संग-ओ-ख़िश्त के अम्बार देख कर

  - Adeem Hashmi
आयाहूँसंग-ओ-ख़िश्तकेअम्बारदेखकर
ख़ौफ़रहाहैसाया-ए-दीवारदेखकर
आँखेंखुलीरहीहैंमिरीइंतिज़ारमें
आएख़्वाबदीदा-ए-बेदारदेखकर
ग़मकीदुकानखोलकेबैठाहुआथामैं
आँसूनिकलपड़ेहैंख़रीदारदेखकर
क्याइल्मथाफिसलनेलगेंगेमिरेक़दम
मैंतोचलाथाराहकोहमवारदेखकर
हरकोईपारसाईकीउम्दामिसालथा
दिलख़ुशहुआहैएकगुनहगारदेखकर
  - Adeem Hashmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy