yaa saanson ka bhi mol chuk | याँ साँसों का भी मोल चुकाना पड़ता है

  - Prashant Kumar
याँसाँसोंकाभीमोलचुकानापड़ताहै
कुछकम-बढ़होतोलौटकेआनापड़ताहै
जबमुँहलटकाएहाथपसारेआतेहैं
पानीसेबच्चोंकोबहलानापड़ताहै
काख़-ए-उमरामेंकुछभिखमंगेरहतेहैं
ख़ुदकाभीनिवालाछीनकेखानापड़ताहै
बच्चोंकोतोभरपेटखिलायाकरतीहै
परमाँकोभूखेहीसोजानापड़ताहै
येपाँवकेछालेआँखेंनमकरदेतेहैं
बच्चोंकेसामनेदर्दछुपानापड़ताहै
ख़ुशियोंसेहाथमिलानाकामतोबादकाहै
पहलेग़मकोसीनेसेलगानापड़ताहै
अबतुमक्याजानोजीवनकीसच्चाईको
बच्चोंसेहमेंसचरोज़छुपानापड़ताहै
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy