vo ajnabi hai lekin dil uspe mar gaya | वो अजनबी है लेकिन दिल उसपे मर गया

  - Prashant Kumar
वोअजनबीहैलेकिनदिलउसपेमरगया
आँखोंसेहोकेसीधेदिलमेंउतरगया
पहलेकीबातमतकरबालकथापहलेवो
अक़्लगईहैउसकोअबवोसुधरगया
इतनाख़राबनिकलाउँगलीपकड़केवो
जबदिलनहींमिलातोघरमेंठहरगया
होगीशब-ए-विसालअबइस
मेंमैंक्याकरूँँ
कलरातमेंउसेतूक्यूँँछेड़करगया
बातेंतरह-तरहकीहोनेलगीहैंअब
सबलोगकहरहेहैंतू"मीर"परगया
  - Prashant Kumar
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