mohabbat ka agar koii fasana tum suna dete | मोहब्बत का अगर कोई फ़साना तुम सुना देते

  - Prashant Kumar
मोहब्बतकाअगरकोईफ़सानातुमसुनादेते
तुम्हारीआस्ताँपरहमज़मानेकोझुकादेते
मोहब्बतहमसेेकरतेहोअगरइतनाबतादेते
तुम्हारीमाँगकबकीख़ूनसेहमतोसजादेते
ख़ुदाकाशुक्रमानोसिलसिलाजोटलगयाहमदम
वगरनाहमतुम्हेंकबकाठिकानेसेलगादेते
तुम्हेंइसनेरुलायाहैअगरहमकोबतादेते
तोइसकानामअभीदुनियाकेनक़्शेसेमिटादेतेहैं
कभीभीज़िंदगीकेखेलमेंहारेनहींहैंहाँ
अगरतुमसामनेहोतेतोफिरख़ुदकोहरादेते
अरेपहलेबतादेतेकिआँखेंदर्दकरतीहैं
तुम्हारेबाँटकेआँसूहमअपनीसेबहादेते
अगरदिलहमकोदेदेतेकभीचोरीनहींहोता
तुम्हारादिलअरेहमताक़-ए-निस्याँपरछुपादेते
  - Prashant Kumar
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