kuchh is tarah se ab kii meraa khayal rakhiyo | कुछ इस तरह से अब की मेरा ख़याल रखियो

  - Prashant Kumar
कुछइसतरहसेअबकीमेराख़यालरखियो
तुमतिफ़्ल-ए-अश्कलबपरदिलमेंसवालरखियो
सरहदपेछिड़गईहैइसवक़्तजंगदेखो
मैंलौटआऊँगासबअपनाख़यालरखियो
जबआऊँगावतनसेखेलूँगासाथहोली
मेरेलिएबचाकरथोड़ागुलालरखियो
इकपलकभीभीमुझकोतुमछोड़करजाना
शादीतभीकरूँँगीबोलोख़यालरखियो
रोज़ेनिकलचुकेहैंआनेलगाहैसावन
अबसाथमेरेतुमभीसौम-ए-विसालरखियो
  - Prashant Kumar
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