koii bhi meri taraf ghoorne vaala na tha | कोई भी मेरी तरफ़ घूरने वाला न था

  - Prashant Kumar
कोईभीमेरीतरफ़घूरनेवालाथा
लोगसबमौजूदथेसामनेवालाथा
इसलिएहीअलविदाकहागयाहूँज़िंदगी
साथमेरेकोईभीखेलनेवालाथा
हरतरफ़बरपाहुआकलमिराहीसोगथा
लोगसबआएमगरसामनेवालाथा
उसदुकाँपरजोगयाहाथख़ालीहीरहे
बिकरहाथादिलमगरछीननेवालाथा
ज़िंदगीक्याचीज़हैहमदिखादेतेमगर
क्याकरेंजबकोईभीढूँढनेवालाथा
बसलिफ़ाफ़ादेकेशबहमचलेआए'प्रशांत'
औरक्याकरतेकोईबोलनेवालाथा
  - Prashant Kumar
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