kal raat bhar toota sitaara dard men baitha raha | कल रात भर टूटा सितारा दर्द में बैठा रहा

  - Prashant Kumar
कलरातभरटूटासितारादर्दमेंबैठारहा
औरयेज़मानाबे-वजहपागलउसेकहतारहा
सोचाविचारीचलरहीथीअबक़यामतआएगी
लेकिनहुआकुछभीनहींअँगड़ाईवोलेतारहा
तूभीमुसाफ़िरहैकोईमैंभीमुसाफ़िरहूँमगर
तूआशिक़ीकरतारहामैंउम्र-भरचलतारहा
लबपरकभीरुख़सारपरजबमनहुआबोसेलिए
ऐसेहीउसकेपीछे-पीछेक़ाफ़िलाचलतारहा
क्याक्याकरेंक्याक्यानहींइसउम्रसेवाक़िफ़नहीं
सोरात-भरकलबज़्ममेंचर्चायहीहोतारहा
  - Prashant Kumar
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