jo bhi tha zindagi ka hunar vo sikha diya | जो भी था ज़िंदगी का हुनर वो सिखा दिया

  - Prashant Kumar
जोभीथाज़िंदगीकाहुनरवोसिखादिया
अहलज़मींनेमुझकोमुक़ाबिलबनादिया
बादसबाकेसरपेकोईधुनसवारथी
टूटाहुआदियाथासोवोभीबुझादिया
शोलेउगलरहाथाकोईकलदयारमें
छोटासाझोपड़ाथासोवोभीजलादिया
उनकीनज़रमेंखाक़कदमकीबनेरहे
जिनकोउठाकेहमनेफ़लकपरबिठादिया
तूफ़ानथेनिगाहमेंजिनक्यालिएहुए
दिलकामकानएकनज़रमेंगिरादिया
  - Prashant Kumar
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