baam-e-falak se ek giraa mahtaab uthwa kar laaya hooñ | बाम-ए-फ़लक से एक गिरा महताब उठवा कर लाया हूँ

  - Prashant Kumar
बाम-ए-फ़लकसेएकगिरामहताबउठवाकरलायाहूँ
हुस्न-ए-महफ़िलमेंउसकोरस्ताभटकाकरलायाहूँ
देखलेअबतूफिरमतकहनाआयानहींथाकूचेमें
तेरीख़ातिरकोरोनामेंजामउठवाकरलायाहूँ
किसनेबोलाचुपकेचुपकेख़ुदरंगीलाहोआया
पूछलेजाकरदोबोतलबढ़तीपिलवाकरलायाहूँ
ऐसेवैसेदुनियामेंजोरिश्वत-ख़ोरीहाकिमथे
अबकीउनकेपिछवाड़ेडंडेलगवाकरलायाहूँ
एकनज़रक्यादेखलियाफिरपैरवहींपरगाड़दिए
यारबड़ीमुश्किलसेदिलबहलाफुसलाकरलायाहूँ
  - Prashant Kumar
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