ajnabi ho tumhein dekhooñ ya koii baat karoon | अजनबी हो तुम्हें देखूँ या कोई बात करूँँ

  - Prashant Kumar
अजनबीहोतुम्हेंदेखूँयाकोईबातकरूँँ
कलचलेजाओगेफिरकैसेमुलाक़ातकरूँँ
दूरसेबसमैंतुम्हेंयादहीकरसकतीहूँ
तुमअगरपासहोतोप्यारकीबरसातकरूँँ
वोतोराज़ीहैमगरमैंहीबड़ापागलहूँ
डरसालगताहैबहुतकैसेशुरूआतकरूँँ
सोचनाभीतोक़यामतहैतुझेजान-ए-मन
नामकैसेलूँतिराकैसेतिरीबातकरूँँ
दोस्तभीतूहैमिराऔरमिरादुश्मनभी
क्यातिरेसाथकरूँँक्यातिरेसाथकरूँँ
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy