aankhoñ hi aankhoñ men vaar ho jaata hai | आँखों ही आँखों में वार हो जाता है

  - Prashant Kumar
आँखोंहीआँखोंमेंवारहोजाताहै
जिसकोभीमहफ़िलमेंप्यारहोजाताहै
जबभीग़रीबोंकाचूल्हाजलजाताहै
वोदिनमेरेलिएत्योहारहोजाताहै
ज़िंदगीकोजोलयमेंरखनासीखगया
अपनेआपहीवोफ़नकारहोजाताहै
तेरेपीछेइकचारा-गरजानेक्यूँँ
रोज़दवाखाकरबीमारहोजाताहै
पेटकीख़ातिररोटीकोईचुरालेतो
उसकाजीनाफिरदुश्वारहोजाताहै
येकहताहै'अरूबाकोलेनाचुम्मा
फिरउसकाजुम्माइतवारहोजाताहै
रोगमोहब्बतकाजिसकोलगजाताहै
वोतोज़िंदगीसेबेकारहोजाताहै
  - Prashant Kumar
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