kaanta sa jo chubha tha vo lau de gaya hai kya | काँटा सा जो चुभा था वो लौ दे गया है क्या

  - Ada Jafarey
काँटासाजोचुभाथावोलौदेगयाहैक्या
घुलताहुआलहूमेंयेख़ुर्शीदसाहैक्या
पलकोंकेबीचसारेउजालेसिमटगए
सायासाथदेयेवहीमरहलाहैक्या
मैंआँधियोंकेपासतलाश-ए-सबामेंहूँ
तुममुझसेपूछतेहोमिराहौसलाहैक्या
सागरहूँऔरमौजकेहरदाएरेमेंहूँ
साहिलपेकोईनक़्श-ए-क़दमखोगयाहैक्या
सौसौतरहलिखातोसहीहर्फ़-ए-आरज़ू
इकहर्फ़-ए-आरज़ूहीमिरीइंतिहाहैक्या
इकख़्वाब-ए-दिल-पज़ीरघनीछाँवकीतरह
येभीनहींतोफिरमिरीज़ंजीर-ए-पाहैक्या
क्याफिरकिसीनेक़र्ज़-ए-मुरव्वतअदाकिया
क्यूँँआँखबे-सवालहैदिलफिरदुखाहैक्या
  - Ada Jafarey
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